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इंसान का असली चेहरा तब सामने आता हैं जब वो नशे में होता हैं... फिर चाहे नशा पैसे का हो, पद का हो, शक़्ल का हो या शराब का...
पैसा" आज के जमाने में इज्ज़त भी पैसे देखकर किए जाते हैं, बिना पैसे के तो लोग ज़रूरत भी नहीं समझते। -तेजस्विनी कुमारी
कौन समझता है किसी को कोई यहां झूठे दिलासे, कोरा सा अपनापन मिलता है मुफ्त में यहां।
रिश्ता कुछ ऐसा होना चाहिए की लड़ाई जब दो में हो, तो तीसरे को पता नही चलना चाहिए।
भाई-बहन का रिश्ता कोई ऐसा-वैसा नहीं, किसी भी मुश्किल में हमने कभी साथ छोड़ा नहीं, कितनी ही लड़ाई क्यों न हो हम दोनों के बीच में, हम दोनों का प्यार कम कभी होगा नहीं।
अगर आप के पास ऐसा कोई है जो आप को दुःख मे नहीं देख सकता। तो आप ये सुनिश्चित अवश्य करे की उन्हें आप के वजह से दुःख कभी ना हो।
हारना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपनों से हो, और जीतना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपने आप से हो।– हरिवंश राय बच्चन
दिल के रिश्तों में पैसों का हिसाब नही होता... क्यूं की पैसों से चीजों का सौदा होता है , इंसानों का नहीं, और अगर हो सौदा रिश्तों में तो वो रिश्ता दिल से नही होता - prabhamayee parida
कितनी ही लड़ाई क्यों न हो हम दोनों के बीच में,हम दोनों का प्यार कम कभी होगा नहीं।
जब इंसान जिंदगी कि अपनी सभी इच्छाओं से, मुक्त हो जाता है या कहो वो अपने सारे इन्द्रियों को, अपने काबु में रखता है, तब ही उसे शांति मिल सकती है!