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जीवन का सच न तो सुनाया जा सकता है और न ही पढ़ा जा सकता है, उसे समझना होगा।
लम्हे तो है बीते सारे लेकिन लगते है आज भी जैसे हो वो कल
दुःख छुपाने के कमाल को हसी कहते है
किसी से कोई उम्मीद करना मूर्खता है, उम्मीदें आपको दुख के सिवा कुछ नहीं देतीं।
आंसू किसी और के दुख को समझता नहीं है, और न ही किसी की खुशी को। - Franz Schubert
लम्हे तो है बीते सारे लेकिन लगते है आज भी जैसे हो वो कल
मुझपर बहुत जिम्मेदारियां थी मेरे घर की, माफ करना मैं तेरे इश्क में मर नहीं सकता
जिंदगी में खुशियाँ तलाश करो, दुखो का कोई अंत नहीं होता
दुख तो मुफ्त में मिलते है, लेकिन सुख की कीमत तो देनी ही पड़ती है
सच को एक हजार अलग-अलग तरीकों से कहा जा सकता है, फिर भी हर एक सच हो सकता है।