More Quotes
आंखें खुली रखो तो आंसूं भी काले और बंद करू तो सपने भी
तुमसे मिलकर बात करके जो खुशी होती ह वह खुशी आज तक किसी से मुझे नसीब नहीं हुई
हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहाँ दम था मेरी किश्ती थी डूबी वहां
हम हार गए क्योंकि हमने खुद से कहा कि हम
दुःख तुमने मुझे नहीं दिया है मैंने अपने आप को
कितना अजीब भ्रम है ये मानना कि सुन्दरता
यू तो हजारों लोग मिल जायेगे लेकिन हाथ पकड़कर चलना सिखाने वाला भाई, बिना नसीब नही मिलता.
वक्त से लड़कर जो नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तक़दीर बदल दे
मैं ज़िन्दगी से नहीं अपने आप से नाराज़
मैंने सफलता के बारे में कभी सपना नहीं देखा। मैंने इसके लिए काम किया। ~ एस्टी लउडार