#Hindi Quote
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विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु है।
ईश्वर से कोई भी प्रेम कर सकता है क्योंकि वह आपसे कुछ नहीं मांगता। पर अपने पास खड़े व्यक्ति से प्रेम करने की कीमत जीवन से चुकानी पड़ती है ।
शक्ति ही जीवन है, दुर्बलता ही मृत्यु है।
सबसे बड़ा धर्म अपने स्वभाव के प्रति सच्चा होना है। अपने आप पर भरोसा रखो।
अगर आप के पास ऐसा कोई है जो आप को दुःख मे नहीं देख सकता। तो आप ये सुनिश्चित अवश्य करे की उन्हें आप के वजह से दुःख कभी ना हो।
शक्ति ही जीवन है, दुर्बलता ही मृत्यु है।
अगर जिंदगी में कुछ पाना हो तो तरीकों को बदले, इरादों को नहीं।
जिस व्यक्ति के अंदर स्वयं को खोने का डर नहीं है, जो इससे मुक्त हो चुका है, वही प्रेम को जान सकता है, वही प्रेम बन सकता है ।
आदमी गलती कर के जो सीखता है, वो किसी और तरह से नहीं सीख सकता।
सत्य को हज़ार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा– स्वामी विवेकानंद