#Hindi Quote
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भूल होना प्रकृति है, मान लेना संस्कृति है, और सुधार लेना प्रगति है!
एक व्यक्ति द्वारा स्वामी विवेकानंद से पूछा गया, सब कुछ खोने से ज्यादा बुरा क्या है ? स्वामी जी ने उत्तर दिया की “वो ऊमीद खोना जिसके भरोसे पर हम सब कुछ वापस पा सकते है!
हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे.तुझे तेरा मुकाम मिल जाएगा, बढ़कर अकेला तू पहल कर हौसले तुझको. काफिला खुद बन जाएगा।
मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसले से उड़ान होती है।
हार मत मानो, हंमेशा अगला मौका ज़रूर आता है!
इंतज़ार मत करिए, सही समय कभी नहीं आता!
खुद को समय जरुर दे, आपकी पहली जरुरत खुद आप है!
अंधेरे को कोसने से बेहतर है की एक दिया जलाया जाए!
न कर फ़िक्र की जमाना क्या सोचेगा, ज़माने को अपनी ही फ़िक्र से फुरसत कहाँ!
ज़िन्दगी में सदा ही हौसले बड़ा रखना चाहिए. ख़ुशी हो या ग़म, हमेशा मुस्कुराना चाहिए.