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इससे ज्यादा इश्क का सबूत और क्या दूं साहब मैंने उसके जिस्म को नहीं उसकी रूह को चुना है
ये वही लोग है जिन्हें प्यार में सिर्फ नफरत ही मिलती है।
दूसरों की बातों में आकर वैसा कभी मत बनना, जैसा तुम खुद कभी बनना नही चाहते।
तुम ना ही मिलते तो अच्छा था,
प्यार में अगर किसी के लिए रोना आए तो समझ लेना प्यार सच्चा है
यहाँ तो लोग नफरत भी करते है प्यार की तरह।
समझ लेना तुम मुझे मेरे बिना कहे खामोशी समझना भी प्रेम ही है
अब वो नफरत में बदल गयी है।
जैसे कभी जानते ही नहीं थे
तुम नफरत का धरना