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गलतफहमी बहुत थी के अपने बहुत है, आज मुड़कर पीछे देखा तो एक साया ही हमसफ़र निकला
हमारा तो एक ही उसूल है, माँ-बाप के अलावा सब रिश्ते फ़िज़ूल है
सफ़र जिंदगी का जरा छोटा था उसके साथ, पर वो शख्स एक याद सा हो गया पूरी जिंदगी के लिए
अगर आप किसी का अपमान कर रहे है, तो वास्तव में आप अपना सन्मान खो रहे है
सफ़र जिंदगी का छोटा था उसके साथ, आर वो शख्स एक याद सा हो गया पूरी जिंदगी के लिए
किसी की निंदा से घबराकर अपने लक्ष्य को नहीं छोड़े, क्योंकि अक्सर लक्ष्य मिलते ही निंदा करने वालों की राय बदल जाती है।
मिट्टी का मटका और परिवार की कीमत, सिर्फ बनाने वालो को पता होती है, तोड़ने वालो को नहीं
जब परिवार में स्वार्थ के विवाद हो जाता है, तो धीरे धीरे परिवार बिखर जाता है
जिंदगी की खूबसूरती, हर कठिनाई को मुस्कान में बदलने में है।
चीजें बदलती है. और दोस्त चले जाते हैं. ज़िन्दगी किसी के लिए रूकती नहीं - स्टीफेन चोबोस्की