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दिखावे के शरीफ बनने की आदत नही है हमारी, शब्द चाहे जैसे भी हो खुलेआम बोलते है।

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वही दिन अच्छा है जो दिन भगवान की याद और उनके भजन में बिताया जाए।
जब परिवार के सदस्य अप्रिय लगने लगे और पराये अपने लगने लगे, तो समझ लीजिए विनाश का समय आरंभ हो गया है।
आपके माता-पिता के सिवा ऐसा कोई नही है, जो आपको खुद से ज्यादा सफल देखना चाहता है।
वक़्त के साथ बदल जाओ या फिर सीखो वक़्त बदलना, मजबूरियों को कोसो मत हर हाल में चलना सीखो।
शिकवा तो बहुत है तुझसे ऐ ज़िन्दगी पर चुप इसलिए हूँ, क्योंकि जो दिया है तुमने वो भी कितनो को नसीब नही होता।
झूठ और दिखावे की रफ्तार कितनी भी तेज हो, पर मंजिल तक केवल सच ही पहुँचता है
जो इंसान मन की तकलीफों को नही बता पता, उसे ही गुस्सा सबसे ज्यादा आता है।
जिसने कभी विपत्तियां नही देखी, उसे अपनी ताकत का कभी एहसास नही होगा।
लफ्ज कितनी भी समझदारी से इस्तेमाल कीजिये, फिर भी सुनने वाला अपनी काबिलियत और अपनी सोच के मुताबिक ही उसका मतलब निकेलगा।
किसी की भावनाओ के साथ कभी मत खेलो, हो सकता है ये खेल आप जीत जाओ लेकिन उस इंसान से आप ज़िन्दगी भर के लिए हार जाओगे।