#Hindi Quote

ज़िन्दगी पल-पल ढलती है, जैसे रेत मुठ्ठी से फिसलती है कुछ खोकर पछताना क्यों, ज़िंदगी जैसी भी है बस एक ही बार मिलती है

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ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी।
यह भी जीवन का कड़वा सच है कि इज्जत इंसान की नहीं, जरूरत की होती है।
हर फैसला मेरा बेहतर था सिवाए ज़िन्दगी में तेरे आने के।
ज़िन्दगी तेरे भी कितने नखरे है, एक दिन हँसाकर महीनों रुलाती है।
ज़िन्दगी मुझे सताती बहुत है, मेरी मेहनत देख खफ़ा जो रहती है।
ज़िन्दगी में एक हसी वो होती है जो इंसान अपने ग़म को छुपाने के लिए खुद सीखता है, और एक हसी वो होती है जो इंसान के सारे ग़म भुला देती है
जिसके पास उम्मीद और आस है, वो ज़िन्दगी के हर इम्तिहान में पास हैं…!
ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी
जो लोग सपनों को सच करते हैं, वहीं ज़िन्दगी का सही अर्थ समझते हैं।
ज़िन्दगी में अगर गुलाब की तरह खिलना है तो कांटों से तालमेल की कला को सीखना ही होगा