#Hindi Quote
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ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी।
ना कोई तरंग है, ना कोई उमंग है मेरी ज़िन्दगी भी क्या एक कटी पतंग
जिंदगी की खूबसूरती, हर कठिनाई को मुस्कान में बदलने में है
जितना_मैंने सोचा था ज़िन्दगी उससे कहीं_छोटी है !
उम्मीद से बढ़कर निकली तुम तो ! मैंने तो सोचा था दिल ही तोड़ोगी तुमने तो मुझे ही तोड़ दिया
खुद पर काबु रखना एक परिपक्व इंसान की निशानी है; वक्त से पहले खुद पर काबु खो देना अपरिपक्वता की पहचान है।
कितने अजीब हैं ये जमाने के लोग, खिलौना छोड़ कर जज़बातों से खेलते है।
‘जिन्दगी’ का कोई रिमोट नहीं होता, उठो जागो और खुद बदलो
ज़िन्दगी में सदा ही हौसले बड़ा रखना चाहिए। ख़ुशी हो या ग़म, हमेशा मुस्कुराना चाहिए।
ज़िन्दगी में अगर गुलाब की तरह खिलना है तो कांटों से तालमेल की कला को सीखना ही होगा.