#Hindi Quote

यदि हम अपने आप को उच्च सम्मान में नहीं रखते हैं, तो दूसरे जाने-अनजाने में न तो हमें देखेंगे और न ही हमारे साथ सम्मान से पेश आएंगे।

Facebook
Twitter
More Quotes
स्वाभिमान मान्यता की एक अवस्था है कि एक व्यक्ति उतना ही महत्वपूर्ण और योग्य है जितना कि कोई अन्य इंसान।
मुझे अपना ख्याल है। जितना अधिक अकेला, जितना ही मित्रहीन, जितना अधिक निर्वाह मैं हूँ, उतना ही अधिक मैं स्वयं का सम्मान करूँगी। – शार्लोट ब्रोंटे
परिवार कोई ज़रूरी चीज़ नहीं है। इसमें सब कुछ प्यार सम्मान सुरक्षा और अपनापन होना चाहिए।
स्वयं के प्रति ईमानदार होना आत्म-सम्मान का सर्वोच्च रूप है। यदि आप कुछ महसूस नहीं कर रहे हैं, तो इसे न करें।
खुद का भला करना एक और तरह का सम्मान है।
कोई भी व्यक्ति हमारा मित्र या शत्रु बनकर संसार में नहीं आता, हमारा व्यवहार और शब्द ही लोगों को मित्र और शत्रु बनाता है।
आज से, आप जिस किसी से भी मिलें उसके साथ ऐसा व्यवहार करें जैसे कि वे आज रात मर रहे हों। आप जो भी देखभाल, दयालुता और समझ जुटा सकते हैं, उन सभी तक पहुँचाएँ और ऐसा इनाम के बारे में सोचे बिना करें। आपका जीवन फिर कभी इस तरह का नहीं रह पाएगा। - और मैंडिनो
हाँ’ या ‘हो सकता है’ कहना जब हमारा मतलब ‘नहीं’ होता है, हमारे शब्दों को चीप बना देता है, हमारे आत्म-सम्मान की भावना कम हो जाती है, और हमारी अखंडता से समझौता हो जाता है। -पाउलो कोइल्हो
परिपक्वता उन लोगों और स्थितियों से दूर चलना सीखना है जो आपके मन की शांति, आत्म-सम्मान, मूल्यों, नैतिकता और आत्म-मूल्य को खतरे में डालती हैं।
मीठी जबान, अच्छी आदतें, अच्छा व्यवहार और अच्छे लोग, हमेशा सम्मानित होते है!