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किसी से नफरत रखने में उतना मजा नहीं है जितना उसे माफ कर भुला देने में है।

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आत्मविश्वास तो हर कोई अपने में ले आता है, लेकिन आत्मसम्मान का तजुर्बा उम्र के साथ आता है।
न कोई कठिनाई, न कोई तकलीफ, तो क्या मज़ा है जीने में। बड़े-बड़े तूफान थम जाते हैं, जब आग लगी हो सीने में!
सूरज और चांद की ख्वाहिश नहीं मुझे जहां दिल को सुकून मिले वहीं मेरे खुदा का दर है।
दुनिया को नफरत का सुबूत नहीं देना पड़ता,
तुम नफरत का धरना
भले ही मैं जिंदगी की दौड़ में सबसे पीछे रह गया/गयी हूं, लेकिन उन्होंने मुझसे मेरी जीत छीनी है, जीतने की मेरी हिम्मत नहीं।
किसी से नफरत रखने में उतना मजा नहीं है, जितना उसे माफ कर भुला देने में है।
निगाहों में मजे थी गिरे और गिर कर संभलते रहे हवाओं ने खूब कोशिश की मगर चिराग आंधियों में जलते रहे !
मैं उस दरख्त की तरह हूं जिसके पत्ते रोज गिरकर जमीन पर बिखर जाते हैं, लेकिन वह हवाओं से अपना रिश्ता कभी नहीं बदलता।
अब वो नफरत में बदल गयी है।