#Quote

आज टुटा एक तारा देखा, बिल्कुल मेरे जैसा था, चाँद को कोई फर्क नहीं पड़ा, बिल्कुल तेरे जैसा था.

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आज पढ़ने वाला कल का लीडर होगा। -- मार्गरेट फुलर
ज़रा संभाल कर रखा कीजिए अपने ज़ख्मों को, आज कल लोग मरहम और महरूम में फ़र्क़ नहीं करते
जो लोग दर्द को समझते हैं, वो लोग कभी दर्द की वजह नहीं बनते.
हँसकर दर्द छुपाने का हुनर मशहूर था मेरा ! पर कोई हुनर काम न आया जब तेरा नाम आया.
कुछ रिश्ते इतने अजीब होते हैं कि उन्हें तोड़ने वाला टूटने वाले से ज्यादा रोता है.
पहले पड़ती थी बहुत सी बातों पर फर्क, अब किसी बात पर नहीं पड़ती।
न जाने किस कॉलेज से ली थी मोहब्बत की डिग्री उसने ! जितने भी मुझसे वादे किये थे सब फ़र्ज़ी निकले.
हुनर तो सब में होता हैं फर्क बस इतना होता हैं किसी का छिप जाता हैं तो किसी का छप जाता हैं
जो दो पल की खुशी आपको आने वाले कल में अत्यंत दुखी करने वाली हो, उसे आज ही जहर की तरह त्याग देना ही उचित है।
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले