#Quote

कितने अजीब हैं ये जमाने के लोग, खिलौना छोड़ कर जज़बातों से खेलते है।

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न जाने कितने ही रिश्ते खत्म कर दिये इस भ्रम ने कि मैं सही हूं, सिर्फ मैं ही सही हूं
घाव ठिक हो जाने से, हादसे नही भूले जाते..
जिंदगी उस अजनबी मोड़ पर ले आई है, तुम चुप हो मुझसे और मैं चुप हूँ सबसे!
कुछ लोगों को ऊँचाई पर पहुंचने की इतनी जल्दी होती है की छोटे लोगों के हाथ पकड़ने की बजाय बड़े लोगों के पाँव पकड़ना पसंद करते है।
कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए, भीड़ साहस तो देती है, मगर पहचान छिन लेती है।
पाप निःसंदेह बुरा है; लेकिन उससे भी बुरा है पुन्य का अहंकार।
दुआ कभी साथ नहीं छोड़ती और बद्दुआ कभी कभी पीछा नहीं छोड़ती। जो दोगे वही लौटकर आएगा, चाहे वह इज्जत हो या धोका…
जिंदगी कैसे अजीब हो गई हैं, खुश दिखना खुश होने से ज्यादा जरुरी हो गया हैं.
समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है, समय खराब हो तो मजाक भी गलती बन जाती है।
यादें ही तो ज़िन्दगी का खज़ाना हैं. बाकी तो सबको खली हाथ ही जाना हैं…