#Hindi Quote

हटाए थे जो राह से दोस्तों की वो पत्थर मिरे घर में आने लगे हैं

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ऐ दोस्त तुझ को रहम न आए तो क्या करूँ दुश्मन भी मेरे हाल पे अब आब-दीदा है
लोग डरते हैं दुश्मनी से तिरी हम तिरी दोस्ती से डरते हैं
भूल शायद बहुत बड़ी कर ली दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली
अक़्ल कहती है दोबारा आज़माना जहल है दिल ये कहता है फ़रेब-ए-दोस्त खाते जाइए
जो दोस्त हैं वो माँगते हैं सुल्ह की दुआ दुश्मन ये चाहते हैं कि आपस में जंग हो
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार होता
पत्थर तो हज़ारों ने मारे थे मुझे लेकिन जो दिल पे लगा आ कर इक दोस्त ने मारा है
हम को यारों ने याद भी न रखा जौन' यारों के यार थे हम तो
दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है दोस्तों ने भी क्या कमी की है
अगर तुम्हारी अना ही का है सवाल तो फिर चलो मैं हाथ बढ़ाता हूँ दोस्ती के लिए