#Hindi Quote
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रोज रोज गिरकर भी मुकम्मल खड़ा हूँ, ए मुश्किलों देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूँ
निगाहों में मजे थी गिरे और गिर कर संभलते रहे हवाओं ने खूब कोशिश की मगर चिराग आंधियों में जलते रहे !
सोचने से कहाँ मिलते है तमन्नाओ के शहर, चलना भी जरुरी है मंजिल पाने के लिए!
खुल जाएंगे सभी रास्ते, रुकावटों से लड़ तो सही सब होगा हासिल, तू जिद्द पर अड़ तो सही।
अगर तू चलने के लिए तैयार हो तो, मंजिल तुम्हारे सामने झुकने के लिए तैयार हो जायेगी
संकल्प कर लिजिये.जिन सपनों की वजह से.रातों की नींद बर्बाद हुई हैं उन्हें हर हाल में पूरा करना है
कोशिश जारी रख, जरूर सफल तेरा काम होगा तू बस धैर्य बांधे रख, शीर्ष पर तेरा भी नाम होगा।
जिस जिस पर यह जग हंसा है, उसी ने इतिहास रचा है।
कोई भी लक्ष्य मनुष्य ने साहस से बड़ा नहीं, हरा वही है बस, जो लड़ा नहीं।
जो रातों को कोशिशों में गंवा देते हैं, वहीं सपनों की चिंगारी को और हवा