#Hindi Quote

ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार

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ऐ दोस्त तुझ को रहम न आए तो क्या करूँ दुश्मन भी मेरे हाल पे अब आब-दीदा
दोस्त दो-चार निकलते हैं कहीं लाखों में जितने होते हैं सिवा उतने ही कम होते
मत कर इतना गुमान अपने आप पर की कोई साथ रोने वाला भी ना मिले ।
अक़्ल कहती है दोबारा आज़माना जहल है दिल ये कहता है फ़रेब-ए-दोस्त खाते
ये न थी हमारी किस्मत कि विसाले-यार होताअगर और जीते रहते यही इंतिजार होता
अगर आप चाहते हैं कि, कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद
कोई काम शुरू करने से पहले स्वयं से तीन प्रश्न कीजिए मैं यह क्यों कर रहा हूं इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होगा और जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जाए तभी आगे बढ़े – चाणक्य
आ गया ‘जौहर’ अजब उल्टा ज़माना क्या कहें दोस्त वो करते हैं बातें जो अदू करते
प्रेम कोई काम नहीं बल्कि एक गुण है ।
जब तक आप खुद हार नहीं मानते, कोई भी आपको हरा नहीं सकता।