#Hindi Quote

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है

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और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के
एक भाई वह है जो हमेशा आपकी पीठ रखेगा, कोई फर्क नहीं पड़ता।
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
न जी भर के देखा न कुछ बात की बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की
जिंदगी बदलने के लिए लड़ना पड़ता है, आसान करने के लिए समझना पड़ता है।
इस बात से फर्क नहीं पड़ता तुम कितनी ग़लती करते हो या कितनी धीरे बढ़ रहे हो, उन लोगों से बहुत आगे हो जो कोशिश ही नहीं
और क्या देखने को बाक़ी है आप से दिल लगा के देख लिया
जो कर्म करने के बाद फल की भी इच्छा नही रखता, उसकी मदद के लिए तो खुद भगवान को रास्ता बनना पड़ता है।
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ