#Hindi Quote
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परिवार के साथ घर जाकर अच्छा खाना खाने और आराम करने से अच्छा और कुछ नहीं है।
तुम संघर्ष के समय बनी ऐसी प्रतिमा हो बहना, जिसे न्याय की मूर्ति कहना गलत ना होगा ।
जब परिवार में स्वार्थ के विवाद हो जाता है, तो धीरे धीरे परिवार बिखर जाता है
पानी मे तस्वीर कहाँ बनती है, ख्वाबों से तकदीर कहाँ बनती है, कोई भी रिश्ता हो जिंदगी में सच्चे दिल से निभाओ है।
सुन बहन आँखों की चमक कभी कम मत होने देना जो होता हो हो जाए, तू हंसती आँखों को मत रोने देना
मेरे भीतर पनपे विश्वास की जड़ तुम हो बहना, मेरी जीत का एकलौता श्रेय तुम हो बहना
मेरी बहन ही तो है जो रोज मेरा हाल कुछ इस अंदाज़ में पूछती है मेरे सवालों पर हंसती है और मेरी फ़िक्र में सुबह-शाम झूझती है
रास्ता सही होनी चाहिए क्योकि कभी कभी मंज़िल भी रास्तों में मिल जाती है I
जीवन में कभी समझौता करना पड़े तो कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकड़ तो मुर्दे की पहचान
मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत ! सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं.