#Hindi Quote
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खुला जब-जब पन्ना कहानी का मेरी, मैंने पाया बहना सदा इसमें नाम छुपा तुम्हारा
सात फेरों से तो, महज शरीर पर हक मिलते हैं, आत्मा में हक तो रूह के फेरों से मिलते हैं !
तुम्हें देखा तो मोहब्बत भी समझ आई, वरना इस लफ्ज़ की तारीफ सिर्फ ही सुना करता था मैं !
छुपाने लगा हूँ कुछ राज अपने आप से, जब से मोहब्बत हुई है हमें आप से !
कोई सबूत नहीं होता है मोहब्बत का सामने नाम लेने पर धड़कने बढ़ जाए तो समझो मोहब्बत बेइंतेहा है !
अब तो शायद ही मुझसे मुहब्बत करेगा कोई, तेरी तस्वीर जो मेरी आखों में साफ नजर आती है !
अगर सजा दे ही चुके हो तो हाल न पूछना, हम अगर बेगुनाह निकले तो तुम्हे अफ़सोस
हर कामयाबी पर तुम्हारा नाम होगा, तुम्हारे हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा,
हँसकर दर्द छुपाने का हुनर मशहूर था मेरा ! पर कोई हुनर काम न आया जब तेरा नाम आया !!
मुझसे मत पूछना कि मैं तुमसे इश्क़ क्यों करता हूं, क्योंकि फिर मुझे वजह बतानी पड़ेगी अपने जीने की !